भारत
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कर्क रेखा भारत के आठ राज्यों से होकर गुजरती है। उनके नाम इस प्रकार हैं:
- गुजरात
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- त्रिपुरा
- मिजोरम
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भारत में वर्तमान में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं।
यह स्थिति 2019 में जम्मू और कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद बनी, जिससे जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बने। इसके अतिरिक्त, 2020 में दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली का विलय कर एक ही केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया।
केंद्र शासित प्रदेश सीधे केंद्र सरकार द्वारा शासित छोटे राज्य क्षेत्र होते हैं। दिल्ली और पुदुच्चेरी दो ऐसे केंद्र शासित प्रदेश हैं जहाँ विधायिका और मुख्यमंत्री का प्रावधान है। क्षेत्रफल की दृष्टि से लद्दाख सबसे बड़ा और लक्षद्वीप सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है, जबकि जनसंख्या की दृष्टि से दिल्ली सबसे बड़ा और लक्षद्वीप सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है।
8 केंद्र शासित प्रदेशों के नाम इस प्रकार हैं:
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- चंडीगढ़
- दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
- दिल्ली
- जम्मू और कश्मीर
- लद्दाख
- लक्षद्वीप
- पुदुच्चेरी
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भारत के पहले उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे।
उन्होंने 1952 से 1962 तक इस पद पर कार्य किया।
स्रोत:
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ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह राजस्थान राज्य के अजमेर शहर में स्थित है। यह भारत में सबसे महत्वपूर्ण इस्लामी तीर्थ स्थलों में से एक है।
दरगाह के बारे में कुछ अतिरिक्त जानकारी:
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, जिन्हें गरीब नवाज के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रसिद्ध सूफी संत थे।
- उन्होंने 13वीं शताब्दी में भारत में चिश्ती संप्रदाय की स्थापना की।
- उनकी दरगाह सभी धर्मों के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।
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पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद, ब्रिटिश भारत (वर्तमान में प्रयागराज, उत्तर प्रदेश, भारत) में हुआ था।
अधिक जानकारी के लिए आप निम्न लिंक पर जा सकते हैं:
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अगर हिमालय पर्वत श्रृंखला भारत के उत्तर में नहीं होती, तो भारत की भौगोलिक, जलवायु और सांस्कृतिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ता। कुछ संभावित प्रभाव निम्नलिखित हो सकते थे:
- जलवायु परिवर्तन: हिमालय, उत्तरी हवाओं को रोकता है, जिससे भारत की जलवायु अपेक्षाकृत गर्म रहती है। इसके अभाव में, भारत एक ठंडा और शुष्क क्षेत्र होता। (pmfias.com)
- वर्षा में कमी: हिमालय मानसून हवाओं को भारतीय उपमहाद्वीप की ओर मोड़ने में मदद करता है, जिससे वर्षा होती है। इसके बिना, भारत में वर्षा बहुत कम होती, जिससे कृषि और जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता। (drishtiias.com)
- नदियों का अभाव: हिमालय से निकलने वाली नदियाँ, जैसे गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र, भारत की जीवन रेखा हैं। हिमालय के बिना, इन नदियों का अस्तित्व नहीं होता, जिससे पानी की कमी होती और कृषि प्रभावित होती। (mapsofindia.com)
- सांस्कृतिक प्रभाव: हिमालय ने भारतीय संस्कृति और इतिहास को गहराई से प्रभावित किया है। यह कई तीर्थस्थलों का घर है और इसने कई धार्मिक परंपराओं को जन्म दिया है। इसके अभाव में, भारत की सांस्कृतिक विविधता कम हो जाती।
- सुरक्षा: हिमालय ने भारत को प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान की है, जिससे आक्रमणकारियों के लिए भारत में प्रवेश करना मुश्किल हो गया। इसके बिना, भारत अधिक असुरक्षित होता।
संक्षेप में, हिमालय भारत के लिए एक महत्वपूर्ण भौगोलिक विशेषता है, और इसके अभाव में भारत की जलवायु, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और सुरक्षा पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता।