भूगोल
गंगा नदी मुख्य रूप से भारत और बांग्लादेश में बहती है।
इसका उद्गम भारतीय राज्य उत्तराखंड में हिमालय के गंगोत्री ग्लेशियर से होता है, विशेष रूप से गोमुख नामक स्थान से।
यह नदी भारत के कई राज्यों जैसे उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है, और फिर बांग्लादेश में प्रवेश करती है, जहाँ इसे पद्मा के नाम से जाना जाता है। अंततः, यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
भारत फ्रांस के सहयोग से हेलीकॉप्टर द्वारा माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक पहुंचने की क्षमता प्राप्त कर सकता है।
2005 में, एक फ्रांसीसी कंपनी, यूरोकॉप्टर (अब एयरबस हेलीकॉप्टर्स) के AS350 B3 हेलीकॉप्टर ने माउंट एवरेस्ट के शिखर पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करके यह उपलब्धि हासिल की थी। यह दुनिया का पहला और एकमात्र हेलीकॉप्टर है जिसने यह असाधारण कारनामा किया है।
भारत विभिन्न देशों से उन्नत हेलीकॉप्टर प्रौद्योगिकी प्राप्त करता है, और फ्रांस के साथ भारत के मजबूत रक्षा और एयरोस्पेस संबंध हैं। इसलिए, यदि भारत को ऐसे उच्च ऊंचाई वाले मिशनों के लिए हेलीकॉप्टरों की आवश्यकता होती है, तो फ्रांस ऐसे हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति या ऐसी तकनीकों के विकास में भागीदार हो सकता है।
बागर और खादर उत्तरी भारत के जलोढ़ मैदानों से संबंधित दो भूगर्भीय शब्द हैं, जो नदियों द्वारा जमा की गई मिट्टी की उम्र और विशेषताओं को दर्शाते हैं।
बागर (Bhangar)
- परिभाषा: बागर पुराने जलोढ़ मिट्टी से बने उच्च भूमि वाले क्षेत्र होते हैं। ये नदियां के बाढ़ के मैदानों से दूर और ऊँचे स्थान पर पाए जाते हैं, जहां हर साल बाढ़ का पानी नहीं पहुँच पाता।
- विशेषताएं:
- ऊँचाई: ये आस-पास के खादर क्षेत्रों की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित होते हैं।
- मिट्टी की उम्र: इनकी मिट्टी पुरानी होती है, जो हजारों साल पहले नदियों द्वारा जमा की गई थी।
- उर्वरता: इनकी उर्वरता खादर की तुलना में कम होती है क्योंकि इसमें नए जलोढ़ खनिज हर साल नहीं जुड़ते।
- मिट्टी का प्रकार: इसमें कंकड़, बजरी और कैल्शियम कार्बोनेट के जमाव (जिन्हें 'कंकर' कहा जाता है) पाए जाते हैं। मिट्टी चिकनी और थोड़ी अम्लीय हो सकती है।
- स्थान: ये अक्सर नदी घाटियों से दूर पाए जाते हैं।
खादर (Khadar)
- परिभाषा: खादर नए जलोढ़ मिट्टी से बने निचले मैदानी क्षेत्र होते हैं। ये नदियों के बाढ़ के मैदानों के करीब पाए जाते हैं और हर साल बाढ़ के पानी से ढक जाते हैं, जिससे हर साल नई मिट्टी जमा होती रहती है।
- विशेषताएं:
- ऊँचाई: ये बागर क्षेत्रों की तुलना में निचले स्थानों पर स्थित होते हैं।
- मिट्टी की उम्र: इनकी मिट्टी नई और ताज़ा होती है, जो हर साल नदियों की बाढ़ द्वारा लाई गई गाद से बनती है।
- उर्वरता: ये अत्यधिक उपजाऊ होते हैं क्योंकि हर साल बाढ़ के साथ नई और खनिज-समृद्ध गाद (सिल्ट) जमा होती है।
- मिट्टी का प्रकार: इसमें महीन गाद, रेत और मिट्टी का मिश्रण होता है, जो कृषि के लिए बहुत उपयुक्त होता है। इसमें कंकड़ या कंकर नहीं पाए जाते।
- स्थान: ये सीधे नदी के किनारे या उसके बाढ़ के मैदानों में पाए जाते हैं।
मुख्य अंतर:
बागर और खादर के बीच का मुख्य अंतर उनकी आयु, ऊंचाई, उर्वरता और मिट्टी की संरचना में है। खादर अधिक उपजाऊ और कृषि के लिए बेहतर माने जाते हैं, जबकि बागर कम उपजाऊ होते हैं लेकिन बाढ़ के खतरों से सुरक्षित रहते हैं। ये दोनों प्रकार की भूमियाँ उत्तरी भारत के विशाल मैदानों की कृषि और भूगोल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
क्षेत्रफल के अनुसार दुनिया के 12 सबसे बड़े देशों के नाम इस प्रकार हैं (सबसे बड़े से छोटे क्रम में):
- रूस
- कनाडा
- चीन
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- ब्राजील
- ऑस्ट्रेलिया
- भारत
- अर्जेंटीना
- कजाकिस्तान
- अल्जीरिया
- कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य
- सऊदी अरब
कर्क रेखा भारत के आठ राज्यों से होकर गुजरती है। उनके नाम इस प्रकार हैं:
- गुजरात
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- त्रिपुरा
- मिजोरम
कर्क रेखा (Tropic of Cancer) भारत के आठ राज्यों से होकर गुजरती है। ये राज्य निम्नलिखित हैं:
- गुजरात
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- त्रिपुरा
- मिजोरम