कीटनाशक
- एफिड्स
- थ्रिप्स
- लीफहॉपर्स
- सफेद मक्खी
- कटवर्म
- बॉलवर्म
- तना छेदक
अधिक जानकारी के लिए, आप निम्नलिखित वेबसाइटों पर जा सकते हैं:
यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी कीटनाशक का उपयोग करने से पहले हमेशा लेबल को ध्यान से पढ़ें और सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
- धान की फसल: यह तना छेदक (stem borer), पत्ती लपेटक (leaf folder), और भूरा पादप हॉपर (brown plant hopper) जैसे कीटों को नियंत्रित करता है।
- कपास की फसल: यह bollworms, aphids, thrips और jassids जैसे कीटों को नियंत्रित करता है।
- गन्ना: यह गन्ना बेधक (sugarcane borer) और दीमक (termites) को नियंत्रित करता है।
- सब्जियां: यह डायमंडबैक मोथ (diamondback moth) और अन्य सब्जियों के कीटों को नियंत्रित करता है।
फिप्रोनिल एक व्यापक स्पेक्ट्रम कीटनाशक है, जिसका अर्थ है कि यह कई प्रकार के कीटों के खिलाफ प्रभावी है। यह संपर्क और अंतर्ग्रहण दोनों द्वारा काम करता है, जिसका अर्थ है कि कीट इसे छूने या खाने से मर जाते हैं।
फिप्रोनिल 80% WG का उपयोग करते समय, उत्पाद लेबल पर दिए गए निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। सुरक्षात्मक कपड़े पहनें और कीटनाशक को संभालते समय या लागू करते समय भोजन या पेय न करें।
अधिक जानकारी के लिए, आप निम्नलिखित लिंक पर जा सकते हैं:
- ईएमए 5 (इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी): यह दवा 10 से 40 दिन की अवस्था में लगने वाली इल्ली को मारने के लिए बहुत अच्छी है। इसकी डोज़ 80-100 ग्राम प्रति एकड़ है।
- चक्रवीर (क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 एससी): यह दवा कांटेक्ट और सिस्टमिक एक्शन से इल्ली को तुरंत मारती है, और विशेष रूप से फली छेदक पर प्रभावी है।
- क्विनालफॉस 25% ईसी: बालदार सुंडी के नियंत्रण के लिए क्यूनॉलफॉस 25% ईसी @ 600 मिली० प्रति एकड़ 200 से 400 लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करें।
- इंडोक्साकार्ब 14.5 एससी: यदि धब्बेदार फली छेदक इल्ली लोबिया में देखा जाता है, तो इंडोक्साकार्ब 14.5 एससी @3.5 मिली प्रति 10 लीटर पानी में 50% फूल आने के दौरान पौधों में छिड़काव करें और 7 दिन के बाद दूसरा छिड़काव करें।
- फ्लूबेंडायमाइड 480 एससी: जब यह कीट मूंग में देखा जाता है, तो क्लोरेंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी @3 मिली या फ्लूबेंडायमाइड 480 एससी @2 मिली प्रति 10 लीटर पानी में 50% पौधों पर फूल आने के समय छिड़काव करें।
- ईएमए 5 इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी: यह 10 से 40 दिन की अवस्था में लगने वाले इल्ली को मारने के लिए बेस्ट दवा है। डोज़: 80-100 ग्राम प्रति एकड़।
- चक्रवीर क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 एससी: यह दवा इल्ली और फली छेदक दोनों के लिए उपयोगी है। डोज़: 60 मिली प्रति एकड़।
- क्विनालफॉस 25 ईसी: 20 मिली प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
- ट्राईजोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4%: 10 मिली प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
- मोनोक्रोटोफॉस 36 एसएल: 10 मिली प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
- थायोडाइकार्ब 75 डब्ल्यूपी: 10 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
- क्लोरैंट्रानिलिप्रोएल 18.5 एससी: 3 मिली प्रति 10 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें।
- इमामैक्टिन बेंजोएट 5 डब्ल्यूजी: 5 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में उपयोग करें।
- फ्लूबेंडामाइड 480 एससी: 2 मिली प्रति 10 लीटर पानी में उपयोग करें।
- इंडोक्साकार्ब 14.5 एससी: 3.5 मिली प्रति 10 लीटर पानी में 50% फूल आने के दौरान पौधों में छिड़काव करें और 7 दिन के बाद दूसरा छिड़काव करें।
- स्पिनोसैड 45 एससी: 1.6 मिली प्रति 10 लीटर पानी में उपयोग करें।
- Cartap hydrochloride + imamectin benzoate: यह तना छेदक और पत्ता लपेट की तितली, अंडे और सुंडी को कंट्रोल करने में मदद करता है।
- Chlorantraniliprole + deltamethrine: यह भी तना छेदक और पत्ता लपेट की तितली, अंडे और सुंडी को कंट्रोल करने में कारगर है।
- Flubendiamide + thiocloprid (बेल्ट एक्सपर्ट): यह दवा भी बेहतर परिणाम देती है। स्रोत 4
- Pymetrozine या dinotifuran: तेला (jassids) के लिए इनका प्रयोग करें। स्रोत 4
- Azoxystrobin + difenoconazole या azoxystrobin + tebuconazole: ये दवाइयाँ सस्ती हैं और रोगों से बचाव करती हैं। स्रोत 4
- Endosulfan 35 EC: 1.0 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। स्रोत 3
- Monocrotophos 36 SL: 1.0 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। स्रोत 3
- Phenthoate 50 EC: 1.0 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। स्रोत 3
- Dimethoate 30 EC: 500 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। स्रोत 3
- Dantop: डेनटॉप का उपयोग 50 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की दर से करें। इसे रोपाई के 50 से 80 दिनों के बाद प्रयोग करें, जब 2-3 प्रति पौधा तेला दिखाई दे। स्रोत 10
कोराजन (Coragen) कीटनाशक का उपयोग मुख्य रूप से फसलों को कीटों से बचाने के लिए किया जाता है। यह विभिन्न प्रकार की फसलों में लगने वाले कीटों, जैसे कि तना छेदक (stem borer), फल छेदक (fruit borer), और पत्ती खाने वाले कीटों (leaf feeders) को नियंत्रित करने में मदद करता है।
मुख्य उपयोग:
- यह धान, गन्ना, कपास, मक्का, सोयाबीन, और विभिन्न सब्जियों और फलों की फसलों में इस्तेमाल होता है।
- यह लेपिडोप्टेरा (Lepidoptera) वर्ग के कीटों को नियंत्रित करने में विशेष रूप से प्रभावी है, जिसमें तितलियाँ और पतंगे शामिल हैं।
कार्य करने का तरीका:
- कोराजन कीटनाशक कीटों की मांसपेशियों को लकवाग्रस्त (paralyze) कर देता है, जिससे वे फसल को नुकसान पहुंचाने से पहले मर जाते हैं।
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