वाक्य रचना
यहाँ आपके शब्दों से बने वाक्य दिए गए हैं:
- प्रतिष्ठा: उन्होंने अपने काम से समाज में बहुत प्रतिष्ठा प्राप्त की।
- घोषणा: सरकार ने कल नई शिक्षा नीति की घोषणा की।
- एक दिन की बात है।
- वे जाल में फंस गई थीं।
- कबूतर घबरा गए।
- चूहा बूढ़े कबूतर का मित्र था।
संबंधवाचक सर्वनाम का प्रयोग दो वस्तुओं या व्यक्तियों के बीच संबंध दर्शाने के लिए किया जाता है। यहाँ तीन वाक्य दिए गए हैं:
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जो मेहनत करेगा, वह सफल होगा।
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जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
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जैसा करोगे, वैसा भरोगे।
इन वाक्यों में, 'जो-वह', 'जिसकी-उसकी', और 'जैसा-वैसा' संबंधवाचक सर्वनाम हैं जो दो उपवाक्यों को जोड़कर उनके बीच संबंध स्थापित कर रहे हैं।
यहाँ निजवाचक सर्वनाम के तीन वाक्य दिए गए हैं:
- मैं यह काम खुद कर लूँगा।
- वह अपने आप ही चला गया।
- हमें अपना काम स्वयं करना चाहिए।
इन वाक्यों में, "खुद", "अपने आप", और "अपना" शब्द निजवाचक सर्वनाम हैं क्योंकि वे कर्ता (subject) की ओर संकेत करते हैं और दिखाते हैं कि कर्ता स्वयं कार्य कर रहा है।
"मैं आता हूँ" एक शुद्ध वाक्य है। इसमें कोई व्याकरण संबंधी त्रुटि नहीं है। यह वाक्य वर्तमान काल में किसी व्यक्ति के आने की क्रिया को दर्शाता है।
उदाहरण के लिए:
- मैं कल आता हूँ।
- मैं अभी आता हूँ।