क्रिया
संज्ञा (Noun)
किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं। यह किसी चीज़ की पहचान होती है।
उदाहरण:
- व्यक्ति: राम, सीमा, अध्यापक
- वस्तु: किताब, कुर्सी, कंप्यूटर
- स्थान: दिल्ली, स्कूल, भारत
- प्राणी: गाय, कुत्ता, शेर
- भाव: खुशी, दुख, ईमानदारी, बचपन
सर्वनाम (Pronoun)
जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। इनका उपयोग संज्ञा की पुनरावृत्ति (दोहराव) से बचने के लिए किया जाता है।
उदाहरण:
- मैं, तुम, वह, वे, हम, आप, कोई, कुछ, जो, सो।
- वाक्य में प्रयोग:
- मैं स्कूल जा रहा हूँ।
- वह पढ़ रहा है।
- बाहर कोई आया है।
क्रिया विशेषण (Adverb)
जो शब्द क्रिया (verb) की विशेषता बताते हैं कि क्रिया कैसे, कब, कहाँ या कितनी मात्रा में हुई है, उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं। ये विशेषण और दूसरे क्रिया विशेषण की विशेषता भी बता सकते हैं।
उदाहरण:
- रीतिवाचक (कैसे): धीरे-धीरे, तेज़ी से, ध्यानपूर्वक (जैसे: कछुआ धीरे-धीरे चलता है।)
- कालवाचक (कब): आज, कल, अभी, रोज़ (जैसे: वह आज आएगा।)
- स्थानवाचक (कहाँ): ऊपर, नीचे, अंदर, बाहर (जैसे: बच्चे ऊपर खेल रहे हैं।)
- परिमाणवाचक (कितनी मात्रा में): बहुत, कम, अधिक, ज़्यादा (जैसे: वह बहुत खाता है।)
वह शब्द जिससे किसी कार्य के होने या करने का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं। यह किसी कार्य की अवस्था, स्थिति या घटना को भी दर्शाता है।
संक्षेप में, जो शब्द किसी काम के करने या होने को प्रकट करते हैं, वे क्रिया कहलाते हैं।
उदाहरण:
- मोहन पढ़ रहा है। (पढ़ना - कार्य का होना)
- बच्चा खेल रहा है। (खेलना - कार्य का होना)
- वह खाना खाता है। (खाना - कार्य का करना)
- सीता गाना गाती है। (गाना - कार्य का करना)
- नदी बह रही है। (बहना - स्थिति)
- सूर्य चमकता है। (चमकना - स्थिति)
- मैंने एक पत्र लिखा। (लिखना - कार्य का करना)
- वह बहुत दौड़ा। (दौड़ना - कार्य का करना)
इन सभी उदाहरणों में 'पढ़ रहा है', 'खेल रहा है', 'खाता है', 'गाती है', 'बह रही है', 'चमकता है', 'लिखा' और 'दौड़ा' शब्द क्रियाएँ हैं क्योंकि ये किसी न किसी कार्य के होने या करने का बोध करा रहे हैं।