छत्तीसगढ़ के किन्हीं दो लोकगीत कथाओं पर अभिलेख तैयार करो?
छत्तीसगढ़ के किन्हीं दो लोकगीत कथाओं पर अभिलेख तैयार करो?
ज़रूर, छत्तीसगढ़ के दो लोकगीत कथाओं पर अभिलेख यहाँ दिए गए हैं:
पंडवानी छत्तीसगढ़ की सबसे प्रसिद्ध लोकगाथाओं में से एक है। यह महाभारत की कहानी को गाथा के रूप में प्रस्तुत करता है। पंडवानी का शाब्दिक अर्थ है "पांडवों की कथा"। इसमें महाभारत की कहानियों को गायन, नृत्य और अभिनय के माध्यम से जीवंत किया जाता है।
पंडवानी की मुख्य गायिका को 'पंडवानी गायिका' कहा जाता है। तीजन बाई पंडवानी की सबसे प्रसिद्ध गायिकाओं में से एक हैं, जिन्होंने इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
पंडवानी में, गायक एक वाद्य यंत्र, जिसे तंबूरा कहा जाता है, का उपयोग करते हैं। वे कहानियों को सुनाते समय नृत्य और अभिनय भी करते हैं, जिससे दर्शकों को महाभारत के पात्रों और घटनाओं का अनुभव होता है।
स्रोत: पंडवानी विकिपीडिया
भरथरी छत्तीसगढ़ का एक और लोकप्रिय लोकगीत है। यह राजा भरथरी और रानी पिंगला की कहानी पर आधारित है। भरथरी में, रानी पिंगला के त्याग और राजा भरथरी के वैराग्य की कथा को मार्मिक रूप से प्रस्तुत किया जाता है।
भरथरी गायन में अक्सर सारंगी या इकतारे जैसे वाद्य यंत्रों का उपयोग होता है। गायक भरथरी की कथा को गाते समय भावनाओं को व्यक्त करते हैं, जिससे श्रोता कहानी से जुड़ जाते हैं।
यह गीत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत लोकप्रिय है और इसे विशेष अवसरों और त्योहारों पर गाया जाता है।