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जीव विज्ञान

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लार का सामान्य पीएच मान आमतौर पर 6.2 से 7.6 के बीच होता है।

हालांकि, यह कई कारकों के आधार पर भिन्न हो सकता है, जैसे कि आहार, मौखिक स्वास्थ्य, और दिन का समय। भोजन करने के बाद, लार का पीएच अक्सर बदल जाता है क्योंकि यह भोजन को पचाने में मदद करता है।

उत्तर लिखा · 26/1/2026
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आमतौर पर, कोई भी पक्षी बिल्कुल इंसानों की तरह नहीं सोता है, जैसे कि पीठ के बल लेटकर या बिस्तर पर आराम से पसरे हुए। अधिकांश पक्षी सोते समय निम्नलिखित तरीकों का उपयोग करते हैं:

  • टहनी पर बैठकर: वे अपने पंजों से टहनी को कसकर पकड़ लेते हैं, ताकि सोते समय गिरें नहीं।

  • एक पैर पर खड़े होकर: कई पक्षी एक पैर पर खड़े होकर सोते हैं, जबकि दूसरे पैर को शरीर के नीचे रखते हैं।

  • सिर पंखों में दबाकर: वे अपने सिर को पीठ के पंखों के नीचे दबा लेते हैं, जिससे उन्हें गर्मी मिलती है और वे सुरक्षित महसूस करते हैं।

  • जमीन पर बैठकर/झुककर: कुछ जमीन पर रहने वाले पक्षी बस ज़मीन पर बैठ जाते हैं या थोड़ा झुककर सोते हैं।

हालांकि, कुछ पालतू पक्षी, विशेष रूप से तोते (Parrots), जैसे कि कॉकैटियल (Cockatiel) या बजरीगर (Parakeet), जब वे अपने मालिक के साथ अत्यधिक सुरक्षित और आरामदायक महसूस करते हैं, तो कभी-कभी अपनी पीठ के बल लेटकर सो सकते हैं। यह एक असामान्य व्यवहार है जो उनके गहन भरोसे और सुरक्षा की भावना को दर्शाता है। यह जंगल में देखे जाने वाला व्यवहार नहीं है, बल्कि पालतू जानवरों में असाधारण रूप से देखी जाने वाली एक आरामदायक मुद्रा है।

उत्तर लिखा · 22/12/2025
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मक्खियां कहां पैदा होती हैं?

मक्खियां कूड़े-करकट, गली-सड़ी चीज़ों, गंदगी और गोबर के ढेरों पर पैदा होती हैं। वे गंदी जगहों पर अंडे देती हैं।


मक्खी के शरीर पर कितने पंख और कितनी आंखें होती हैं?

मक्खी के शरीर पर दो पंख होते हैं और उसकी दो बड़ी संयुक्त आंखें होती हैं, जो लाखों छोटे-छोटे लेंसों से बनी होती हैं।


मक्खियों को कहां रहना बहुत अच्छा लगता है?

मक्खियों को गंदगी, कूड़े-करकट, मल-मूत्र, गली-सड़ी चीज़ों और जहाँ बीमारियाँ फैलाने वाले रोगाणु हों, उन जगहों पर रहना बहुत अच्छा लगता है।


मक्खियां हैजा जैसे भयंकर रोग कैसे फैलाती हैं?

मक्खियां गंदगी, कूड़े और बीमार व्यक्तियों के मल-मूत्र पर बैठती हैं, जिससे उनके पैरों और शरीर पर लाखों रोगाणु चिपक जाते हैं। जब वे फिर हमारे खुले भोजन या पानी पर बैठती हैं, तो वे रोगाणुओं को वहां छोड़ देती हैं, जिससे हैजा, टाइफाइड और पेचिश जैसे भयंकर रोग फैलते हैं।


मक्खियों से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

  • अपने घर और आस-पास की जगह को साफ-सुथरा रखना चाहिए।
  • कूड़ेदान को हमेशा ढंककर रखना चाहिए और कूड़े को नियमित रूप से बाहर फेंकना चाहिए।
  • खाने-पीने की सभी चीज़ों को ढककर रखना चाहिए।
  • नालियों और पानी के जमाव वाले स्थानों को साफ रखना चाहिए।
  • मक्खी भगाने वाले स्प्रे या जाल का उपयोग किया जा सकता है।
उत्तर लिखा · 7/11/2025
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सूक्ष्म जीव (microorganism) बहुत छोटे जीव होते हैं जिन्हें हमारी नग्न आंखों से देखा नहीं जा सकता। उन्हें देखने के लिए एक विशेष उपकरण, जिसे सूक्ष्मदर्शी (microscope) कहते हैं, की आवश्यकता होती है।

इनका आकार आमतौर पर माइक्रोमीटर (micrometer या µm) की श्रेणी में होता है, जो कि एक मीटर का दस लाखवां हिस्सा होता है। कुछ सूक्ष्म जीव, जैसे कि वायरस, इससे भी छोटे होते हैं और नैनोमीटर (nanometer या nm) की श्रेणी में आते हैं।

कुछ सामान्य सूक्ष्म जीवों के आकार का एक अनुमान इस प्रकार है:

  • बैक्टीरिया (Bacteria): इनका आकार आमतौर पर 0.5 से 5 माइक्रोमीटर तक होता है।
  • वायरस (Virus): ये बहुत छोटे होते हैं, इनका आकार लगभग 20 से 400 नैनोमीटर तक होता है। (एक माइक्रोमीटर में 1000 नैनोमीटर होते हैं)।
  • यीस्ट (Yeast - एक प्रकार का कवक): इनका आकार आमतौर पर 3 से 4 माइक्रोमीटर होता है, लेकिन कुछ प्रजातियां 40 माइक्रोमीटर तक भी हो सकती हैं।
  • प्रोटोजोआ (Protozoa): ये आमतौर पर बैक्टीरिया से बड़े होते हैं, इनका आकार 10 से 50 माइक्रोमीटर या उससे भी अधिक हो सकता है।

संक्षेप में, सूक्ष्म जीव अपने नाम के अनुरूप ही "सूक्ष्म" होते हैं और उन्हें देखने के लिए उच्च आवर्धन (high magnification) की आवश्यकता होती है।

उत्तर लिखा · 10/10/2025
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जीव विज्ञान का पिता ग्रीक दार्शनिक अरस्तू को कहा जाता है। जीवविज्ञान का एक क्रमबद्ध ज्ञान के रूप में विकास उन्हीं के काल में हुआ। उन्होंने सर्वप्रथम पौधों एवं जन्तुओं के जीवन के विभिन्न पक्षों के विषय में अपने विचार प्रकट किये। अरस्तु को जीवविज्ञान की शाखा जंतु विज्ञान का जनक भी कहते हैं।
उत्तर लिखा · 23/5/2018
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