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धान में तना छेदक और माहू लग गया है उसे भगाने के लिए क्या करे बेस्ट दवा?
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धान में तना छेदक और माहू की समस्या के समाधान के लिए यहां कुछ उपाय दिए गए हैं:
- तना छेदक कीट नियंत्रण:
- क्लोरोसाईपर की 300 मि.ली. प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें.
- कात्यायनी चक्रवर्ती (थियामेथोक्सम 12.6% + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन 9.5% ZC) - 80 -100 मिली/ एकड़ का इस्तेमाल करें.
- कात्यायनी इमा 5 (इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG) - 100 ग्राम / एकड़ का इस्तेमाल करें.
- कात्यायनी अटैक सीएस (लैम्ब्डा- साइहलोथ्रिन 4.9% सी एस) - 100 - 120 मिली/ एकड़ का इस्तेमाल करें.
- कात्यायनी चक्रवीर (क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5% SC) - 50 - 60 ml / एकड़ का इस्तेमाल करें.
- कात्यायनी क्लोडा (क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 9.3% + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन 4.6% ZC) - 80 -100 मिली/ एकड़ का इस्तेमाल करें.
- गभोट अवस्था में कीटनाशक का स्प्रे करें.
- माहू कीट नियंत्रण:
- खेत से 3-4 दिनों के लिए पानी निकाल दें.
- पौधों की रोपाई निश्चित अंतराल पर करें.
- नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों का प्रयोग एक निश्चित मात्रा में ही करें.
- खेत एवं मेढ़ों को खरपतवार से मुक्त रखें.
- एसिटामिप्रिड 20.00% एसपी @ 20 - 40 ग्राम प्रति एकड़ 200 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें.
- बुप्रोफेज़िन 25.00% एससी @ 320 मिली प्रति एकड़ 200 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें.
- फ्लॉनिकैमिड 50.00% डब्ल्यूजी @ 60 ग्राम प्रति एकड़ 200 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें.
- बुप्रोफेज़िन 23.10% + फिप्रोनिल 3.85% एससी @ 200 मिली प्रति एकड़ 200 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें.
- पायोमेट्रोजिन 50% डब्ल्यूजी (चेस नाम से) को 120-150 ग्राम प्रति एकड़ की दर से इस्तेमाल करें.
- इमिडाक्लोप्रिड 70% डब्ल्यूजी का उपयोग करें, लेकिन ध्यान रखें कि यह दवा दोबारा काम नहीं करेगी, इसलिए अगली बार दवा बदल दें.
- कोर्टेवा एग्रीसाइंस द्वारा निर्मित ड्यूपॉन्ट पेक्सलोन बीई 1 का उपयोग करें, जिसकी डोज़ 94 ml प्रति एकड़ है.
- सिंजेंटा चेस और पीआई ओशीन भी माहू के नियंत्रण के लिए अच्छी दवाएं हैं.
यह भी ध्यान रखें कि किसी भी दवा का लगातार प्रयोग न करें, बल्कि बदल-बदल कर प्रयोग करें ताकि कीटों में प्रतिरोधक क्षमता विकसित न हो.