A lion and a mouse story?
शेर और चूहे की कहानी
एक बार की बात है, एक घना जंगल था। उस जंगल में एक विशाल और शक्तिशाली शेर रहता था। एक दोपहर, शेर एक पेड़ के नीचे सो रहा था।
तभी, एक छोटा सा चूहा वहाँ आया और खेल-खेल में शेर के ऊपर कूदने लगा। चूहे की हरकतों से शेर की नींद खुल गई। वह बहुत गुस्सा हुआ और उसने अपने पंजे में चूहे को पकड़ लिया।
शेर चूहे को खाने ही वाला था कि चूहा गिड़गिड़ाने लगा। उसने शेर से माफ़ी मांगी और कहा, "हे जंगल के राजा! कृपया मुझे छोड़ दो। मैं वादा करता हूँ कि यदि आप मुझे आज छोड़ देते हैं, तो मैं आपकी मदद करने का मौका कभी नहीं भूलूँगा।"
शेर चूहे की इस बात पर हँस पड़ा। उसे यह सोचकर हैरानी हुई कि इतना छोटा सा जीव उसकी मदद कैसे कर सकता है। फिर भी, शेर को चूहे पर दया आ गई और उसने उसे आज़ाद कर दिया।
कुछ दिनों बाद, शेर जंगल में शिकार कर रहा था कि वह एक शिकारी के जाल में फंस गया। शेर ने जाल से निकलने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह निकल नहीं पाया। उसने ज़ोर-ज़ोर से दहाड़ना शुरू कर दिया।
शेर की दहाड़ सुनकर वही चूहा वहाँ आया। उसने जाल को देखा और तुरंत समझ गया कि क्या हुआ है। बिना समय गंवाए, चूहे ने अपने तेज़ दांतों से जाल को कुतरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते, उसने जाल के धागों को काट दिया और शेर को आज़ाद कर दिया।
शेर ने चूहे का दिल से धन्यवाद किया। उसे अपनी गलती का एहसास हुआ कि उसने कभी चूहे की मदद को कम समझा था।
कहानी से सीख:
- किसी की मदद को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए।
- छोटा या बड़ा, हर कोई किसी न किसी तरह मददगार हो सकता है।