निम्नलिखित में से कौन से पहले सी कक्षा तक की लड़कियों को शिक्षा में भागीदारी के लिए प्रस्तुत करने हेतु आवश्यक और स्कूली शिक्षा सुविधा प्रदान करती है?
निम्नलिखित में से कौन से पहले सी कक्षा तक की लड़कियों को शिक्षा में भागीदारी के लिए प्रस्तुत करने हेतु आवश्यक और स्कूली शिक्षा सुविधा प्रदान करती है?
पहली से आठवीं कक्षा तक की लड़कियों को शिक्षा में भागीदारी के लिए प्रस्तुत करने और आवश्यक स्कूली शिक्षा सुविधा प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा कई पहलें की गई हैं। इनमें से प्रमुख निम्नलिखित हैं:
- समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan - SMSA)
यह भारत सरकार का एक एकीकृत कार्यक्रम है जो पूर्व-विद्यालय से बारहवीं कक्षा तक स्कूली शिक्षा के लिए एक व्यापक योजना है। इसमें लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई प्रावधान शामिल हैं, विशेष रूप से प्रारंभिक स्तर (कक्षा 1 से 8) पर। यह सर्व शिक्षा अभियान (SSA) और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) जैसी पुरानी योजनाओं को समाहित करता है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत, लड़कियों की शिक्षा के लिए विशेष हस्तक्षेप किए जाते हैं जैसे:
- लड़कियों के लिए शौचालय और स्वच्छता सुविधाएं।
- लड़कियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और वर्दी प्रदान करना।
- लिंग-संवेदनशील पाठ्यक्रम और शिक्षण सामग्री।
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) जैसी आवासीय सुविधाएं।
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya - KGBV)
यह योजना विशेष रूप से लड़कियों के लिए आवासीय विद्यालय प्रदान करती है, खासकर शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े ब्लॉकों में। यह योजना समाज के वंचित वर्गों (जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और गरीबी रेखा से नीचे) की लड़कियों को कक्षा 6 से 8 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है। KGBV का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा में नामांकन, प्रतिधारण और उपलब्धि में सुधार करना है, जो अक्सर दूर-दराज या असुरक्षित इलाकों में शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।
- बालिका शिक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (National Programme for Education of Girls at Elementary Level - NPEGEL)
यह पूर्व में सर्व शिक्षा अभियान (SSA) के तहत एक विशिष्ट हस्तक्षेप था, जिसका उद्देश्य प्रारंभिक स्तर पर, विशेष रूप से शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े ब्लॉकों में वंचित लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना था। हालांकि यह अब समग्र शिक्षा अभियान में समाहित हो गया है, इसके मूल उद्देश्य और हस्तक्षेप लड़कियों की शिक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रहे हैं।
इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य लड़कियों के लिए शिक्षा तक पहुंच को बेहतर बनाना, उन्हें स्कूल में बनाए रखना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है ताकि उनकी भागीदारी बढ़ सके।